विशेष शिक्षा से सम्बन्धित दायित्व

विशेष शिक्षा से सम्बन्धित दायित्व 



  राज्य स्तर पर विशेष शिक्षा का आयोजन 

( 1 ) राज्य का उत्तरदायित्व - राज्य के प्रमुख का यह कर्त्तव्य है कि वह बालको को आवश्यकताओं का पता लगाये । उसके अनुसार सुनिश्चित पढ़ाई की योजना बनवाये । राज्य स्थानीय स्तर पर प्रवन्धित स्कूलों को धन से सहायता प्रदान करे । राज्य को प्रोग्राम का निरीक्षण तथा निर्देशन करना चाहिए । स्थानीय जिले के विशेष शिक्षा के प्रोग्राम को राज्य से अधिक सहायता मिलती है और इससे स्थानीय स्तर की क्षमता का विकास होता है । 

( 2 ) प्रबन्ध तथा निरीक्षण सेवाएँ - राज्य को स्थानीय स्तर को धन देना चाहिए । प्रबन्ध निरीक्षण के सम्बन्ध में विभिन्न देशों में विभिन्न प्रबन्ध हैं । अधिकतर देशों में राज्य के शिक्षा अधिकारी को प्रोग्राम देखना पड़ता है । राज्य के इस क्षेत्र में उत्तरदायित्व इस प्रकार है 

( i ) कक्षा में भर्ती होने वाले बालकों की रिपोर्ट तथा प्रोग्राम के विषय में जानकारी प्राप्त करना । 

( ii ) बालकों को भर्ती करने के नियम , उनका पाठ्यक्रम , अध्यापक के गुण , कक्षा का आकार , कक्षा का विशेष सामान आदि निश्चित करना ।

 ( iii ) मनोवैज्ञानिक व मेडीकल देख - रेख के नियम बनाना । 

( iv ) विशेष कक्षा के लिए अध्यापकों को प्रशिक्षित करना । विकलांग कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्रमुख योजनायें

 1. पेंशन योजना- ऐसे निराश्रित विकलांग व्यक्ति , जिनकी मासिक आय रु . 22 से कम है , को रु . 125 / - प्रतिमाह की दर से भरण - पोषण अनुदान दिया जाता है । वर्तम में इस योजना से लगभग 1.40 लाख विकलांग व्यक्ति लाभान्वित हो रहे हैं । 

2. छात्रवृत्ति योजना - अध्ययनरत विक्कलांग बच्चों , जिनके अभिभावकों की मासि आय रु .2000 / - से कम है , को कक्षा 1-5 में रु . 25 / - प्रतिमाह , कक्षा 6-8 में रु .40 प्रतिमाह , कक्षा 9-12 में 85 / -रु . प्रतिमाह , स्नातक कक्षाओं में रु .125 / - प्रतिमाह स्नातकोत्तर एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को रु . 170 / - प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति प्रदान कर लगभग 20,200 छात्रों को प्रति वर्ष लाभान्वित किया जा रह 

3. कृत्रिम अंग / सहायता उपकरण- विभिन्न श्रेणी के विकलांगों को उनक आवश्यकता के अनुसार रु . 1000 / - की सीमा तक के कृत्रिम अंग / सहायता उपकरण प्रदान से कम हैं । किये जा रहे हैं । ऐसे विकलांग व्यक्तियों की यह सुविधा देय है । जिनकी आय रु . 300 / 

4. विकलांग से शादी करने पर पुरस्कार- इस योजना के अन्तर्गत विवाहित जोड़े में से यदि पति विकलांग है , तो रु . 11000 / - एवं पत्नी अथवा पति - पत्नी दोनों विकलांग हैं , तो रु . 14000 / - की धनराशि अनुदान के रूप में प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जाती है । 

5. दुकान निर्माण योजना - उद्यमी विकलांगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रु . 20,000 / - तक की धनराशि दुकान निर्माण हेतु दी जाती है जिसमें रु .5000 / - अनुदान एवं अल्प दर पर रु . 15,000 / - का ऋण सम्मिलित है । 

6. विशिष्ट विकलांग को राज्य स्तरीय पुरस्कार - प्रदेश के प्रतिभाशाली विशिष्ट विकलांगों को महामहिमजी राज्यपाल के कर - कमलों से प्रति वर्ष विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किया जाता है । . विभागीय संस्थायें - विकलांग कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में विभिन्न श्रेणी के विकलांगों के लि कुल 12 विद्यालय हैं । जिसमें शारीरिक रूप से विकलांग अक्षमे बच्चों के ´लिए 2 , दृष्टि बाधित बच्चों के लिए 4 , मूक बधिर बच्चों के लिए 4 , एवं मानसिक मंदित बच्चों के लिए 2. विद्यालय प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित हैं ।